अंकुरित काले चने खाने के चमत्कारी फायदे हिंदी में

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आज मै आपको अंकुरित काले चने खाने (Ankurit kale chane khane ke fayde )के ऐसे अचूक फायदे बताउगा। जिनको जानकर आप हैरान हो जाओगे। और अंकुरित काले चने में कौन – कौन से पोषक तत्व पाए जाते है। इसको खाते समय हमें किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सुबह खाली पेट अंकुरित काले चने (Gram) खाने से शरीर में होने वाली अनेक बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

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अंकुरित चने में ऐसे फाइबर और पोषक तत्व पाए जाते है। जिनको खाने से हमारे शरीर में सभी पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है। और हमारा शरीर सुडेला, मजबूत और शक्तिशाली बन जाता है। एक रिसर्च से पता चलता है कि अंकुरित चने में माँस से 10 गुना अधिक पोषक तत्व पाए जाते है। अपने शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाने के लिए अंकुरित चना (Gram) शुद्ध, सहकारी और सस्ता उपाए है।

अंकुरित काले चने में पाए जाने वाले पोषक तत्व

इसमें में कैल्सियम, पोटैशियम, फास्फोरस, विटामिन ए, बी, सी, डी, कार्बोहाइट्रेड, आयरन, मैग्नीशयम, इत्यादि पोषक तत्व पाए जाते है। जिसका सेवन करने से हमारा शरीर स्वस्थ व संतुलित रहता है।

अंकुरित काले चने खाने के फायदे (Benefits of Black chana)

Best fayde Ankurit kale chane khane ke hindi me 
अंकुरित काले चने खाने का सही तरीका पता होना चाहिए। व प्रतिदिन अंकुरित चने का सेवन करने से निम्नलिखित फायदे होते है।

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  • स्मरण शक्ति

काले अंकुरित चने सुबह खाली पेट खाने से स्मरण शक्ति ( Brian Power )बढ़ती है। इससे यादास्त कभी कमजोर नहीं होती है। अंकुरित चने बिदाम के बराबर माने जाते है। प्रतिदिन एक महीने लगातर चने खाने से शरीर में बहुत अधिक फायदा होता है।

अंकुरित चने के साथ गुड़ खाने से शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ती है। इससे व्यक्ति के शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है। और खून साफ होता है। लगातार कुछ दिनों तक अंकुरित चने खाने से बहुत फायदा होता है।

  • त्वचा के लिए

प्रतिदिन सुबह खाली पेट अंकुरित चने खाने से शरीर में रक्त साफ होता है, जिससे त्वचा संबंधी सभी रोगों से छुटकारा मिलता है। इससे चेहरे पर कील, मुहासे और झाइयां नहीं होती है।

सुबह नास्ते में अंकुरित चने खाने से शरीर सुड़ेला, मजबूत और शक्तिशाली बनता है। चने में पाए जाने वाले पोषक तत्व वजन बढ़ाने में भी सहायक होते है। इसलिए लगातार कुछ दिनों तक अंकुरित चने खाते रहना चाहिए। इससे शरीर में बहुत फायदा होता है।

  • पाचन शक्ति

लगातार कुछ दिनों तक अंकुरित चने खाने से व्यक्ति की पाचन शक्ति सही रहती है। इससे व्यक्ति को भूख भी अधिक लगती है। इसलिए अंकुरित चना खाते रहे, आपकी पाचन शक्ति कभी कम नहीं होगी और आपका हाजमा भी ठीक रहेगा।

  • मधुमेह

जिस व्यक्ति को मधुमेह की बीमारी है, उसके लिए अंकुरित चने किसी वरदान से कम नहीं है। प्रतिदिन सुबह उठकर खाली पेट चने खाएं।इससे कुछ ही दिनों में आप का रोग जड़ से खत्म हो जायेगा। आप चने के आटा की रोटियां बनाकर खा सकते है। या फिर सीधे चने भी।

  • तापमान

यह हमारे शरीर के तापमान को सही रखता है। चने खाने से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। जो शरीर के तापमान को समान्य रखती है।

काले चने को पानी में उबालकर खाने से व्यक्ति के शरीर का मोटापा कम होता है। यह हमारे शरीर को स्वस्थ व संतुलित रखता है।

  • उच्च रक्तचाप

जिसको high blood pressure की समस्या है, उसके लिए काले चने बहुत फायदेमंद माने जाते है। क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अच्छी पाई जाती है।

  • कब्ज

कब्ज एक ऐसी बीमारी का नाम है, जो शरीर में अनेकों अन्य बीमारियाँ उत्तपन करती है। इसको दूर करने के लिए हर – रोज सुबह लगातार 5 से 7 दिन तक अंकुरित चने खाने होंगे। ऐसा करने से आप को बहुत अधिक फायदा होगा।

  • प्रोटीन से भरपूर

अंकुरित चने में सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसको प्रोटीन का राजा भी कहा जाता है। इसके साथ इसमें मैगजीन की मात्रा भी अच्छी होती है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।

  • विटामिन से भरपूर

अंकुरित चने में विटामिन ए, बी , सी और डी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है।

  • फाइबर से भरपूर

अंकुरित चने में फाइबर की मात्रा भी बहुत अधिक पाई जाती है। जिससे पेट संबंधित बीमारियाँ नहीं होती है। यह हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है।

चने खाने का सही तरीका

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  • आप चने को सुबह खाली पेट खाएं, इससे बहुत अधिक फायदा होता है।
  • आप चने के साथ गुड़ का भी सेवन कर सकते है।
  • चना यदि सीधा न खाया जाये, तो आप उसमे नमक, प्याज, फूल गोभी के पत्ते, धनियां और पुदीने के पत्ते मिलाकर भी नास्ता कर सकते है।

अजवाइन के चमत्कारी फायदे हिंदी में 2019

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आज मै आपको अजवाइन के ऐसे अचूक फायदे (Ajwain Khane ke Fayde in hindi )बताउगा। जिनको जानकर आप हैरान हो जाओगे। और अजवाइन में कौन – कौन से पोषक तत्व पाए जाते है। इसको खाते समय हमें किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सुबह खाली पेट अजवाइन खाने से शरीर में होने वाली अनेक बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

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अजवाइन खाने के फायदे

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Benefits of celery eating in hindi 2019

अजवाइन का सही तरीके से व प्रतिदिन सेवन करने से निम्नलिखित फायदे होते है।

  • पेट दर्द होने पर

थोड़ी – सी अजवाइन को एक चुटकी काला नमक के साथ मिलाकर गर्म पानी में लेने से पेट दर्द से तुरंत राहत मिल जाती है। इससे छोटे बच्चों के पेट के कीड़े भी निकल जाते है।

  • जोड़ो के दर्द

जोड़ो के दर्द वाले स्थान पर अजवाइन तेल की मालिस करने से बहुत फायदा होता है। आप अजवाइन चूर्ण की पोटली बनाकर दर्द वाले स्थान पर सेक सकते हो। एक ग्राम दालचीनी पिसी हुई में 3 से 4 बूंद अजवाइन का तेल मिलाकर सुबह – शाम सेवन करे। इससे भी आपकी दर्द में आराम मिलेगा।

  • खांसी होने पर

रात को सोते समय एक पान के पत्ते में आधा चम्मच अजवाइन डालकर उसे चबाएं। इससे खांसी नहीं आएगी। आप अजवाइन के रस में एक चुटकी काला नमक मिलाकर भी सेवन कर सकते है।

  • जुकाम

अजवाइन की आधा चम्मच चूर्ण को प्रतिदिन सुबह गर्म पानी या दूध के साथ लेने से जुकाम, सर दर्द, खांसी और नजला आदि रोगो से छुटकारा मिलता है। आप 10 – 10 ग्राम देशी कपूर, पुदीने का चूर्ण और अजवाइन तीनों को लेकर एक शीशी में डालकर धूप में रख दो। थोड़े समय बाद तीनों चीजें पानी बन जायगी। इसको आप 3 – 4 बूंद को किसी कपड़े या रुमाल पर डालकर सूंघ ले। या आप 10 – 12 बूंद एक गिलास गर्म पानी में डालकर भाप ले।

  • उल्टी और दस्त

आप 10 – 10 ग्राम देशी कपूर, पुदीने का चूर्ण और अजवाइन तीनों को लेकर एक शीशी में डालकर धूप में रख दो। थोड़े समय बाद तीनों चीजें पानी बन जायगी। इसकी 5 से 6 बूंद पताशे में डालकर या गर्म पानी में मिलाकर रोगी को देने से उसी समय आराम मिल जाता है।

  • खाज – खुजली या दाद

त्वचा के रोग या किसी घाव पर अजवाइन का लेप लगाने से आराम मिलता है। अजवाइन को पानी में उबालकर उसको ठंडा होने दे। बाद में इस पानी से दाद और खुजली वाले स्थान को धोने से त्वचा रोगो से छुटकारा मिल जाता है। जले हुए स्थान पर भी हम अजवाइन का लेप लगा सकते है।

  • यदि किसी व्यक्ति को शराब की आदत लग गई हो और वह शराब छोड़ने का नाम भी न ले रहा हो। तो इस स्थिति में आप उसको 10 – 10 ग्राम यानि आधा चम्मच अजवाइन चबाने को कहे। ऐसा तीन से चार बार करे।
  • आधा किलो अजवाइन को 400 मिलीलीटर पानी में उबालें। जब यह पानी आधे से भी कम रह जाये तब इसको छानकर एक शीशी में रख दे। प्रतिदिन खाना खाने से पहले एक कप यह पानी शराबी को पिलाये। कुछ दिन ऐसा करने से उसकी शराब पीने की आदत छूट जाएगी।
  • बुखार

रात को सोते समय आधा चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर पानी को छानकर पीने से बुखार ठीक हो जाता है। शरीर का तापमान साधारण हो जाता है।

  • चोट लगने पर

100 ग्राम अजवाइन को गर्म करके उसको एक कपड़े में बांध ले, अब इसको चोट या सूजन वाले स्थान पर धीरे – धीरे सेंक लगाएं। किसी भी प्रकार की चोट हो तुरंत राहत मिलता है।

  • पैरों में कांटा चूब जाने पर

अक्सर हम देखते है, कि छोटे बच्चों के पैरों में खेलते समय पैरों में कांटे चूब जाते है। कई बार बड़ों को भी खेत में काम करते समय सूल चुभ जाती है। ऐसा होने पर आप पिघले हुए गुड़ पर थोड़ी – सी अजवाइन डालकर उसको गर्म करे और ठंडा होने पर इसको बांधने से सूल यानि कांटा अपने आप निकल जायेगा।

  • दमा रोग

दमा होने पर रोगी को अजवाइन गर्म करके उसके सीने को सेंकना चाहिए। इसके साथ अजवाइन के रस को बराबर मात्रा पानी में मिलाकर दिन में तीन से चार बार देना चाहिए।

  • हिचकी

हिचकी का बार – बार आने से व्यक्ति बहुत अधिक परेशान होता है। ऐसा होने पर आप बराबर मात्रा में अजवाइन, काला नमक और पिसा हुआ जीरा ले। इसकी दो – दो चुटकी सुबह – शाम लेने से हिचकी आना बंद हो जाएगी।

  • पथरी

बराबर मात्रा में जीरा और अजवाइन को मिलाकर इसका चूर्ण बना ले। प्रतिदिन सुबह – शाम इस चूर्ण को पानी के साथ सेवन करे। ऐसा आप 15 से 20 दिन लगातार करे। ऐसा करने से सभी प्रकार की पथरी गलकर निकल जाती है।

अजवाइन में पाए जाने वाले पोषक तत्व

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S. No.पोषक तत्वमात्रा
1.प्रोटीन17.1 प्रतिशत
2.वसा21.8 प्रतिशत
3.खनिज7.9 प्रतिशत
4.कार्बो हाइट्रेड24.6 प्रतिशत
5.आर्द्रता7.4 प्रतिशत
6.केरोटीन और स्थिर तेल14.8 प्रतिशत
7.थाइमोल40 प्रतिशत

इसके अलावा अजवाइन में कैल्सियम, पोटैशियम, फास्फोरस, निकोटिनिक एसिड, राइबोफ्लेविन, टेटिन इत्यादि पोषक तत्व पाए जाते है। जिसका सेवन करने से हमारा शरीर स्वस्थ व संतुलित रहता है।

Best 100 + Ghrelu Nuskhe in Hindi 2019

Best 100 + Ghrelu Nuskhe in Hindi 2019

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आप सभी का हमारी वेबसाइट Healthy Dunia में स्वागत है। आज मै आप को कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे (Desi upaye in hindi ) बताउगा। जिनका आप प्रयोग करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हो। इसके लिए आप को सभी चीजे अपनी रसोईघर मेँ मिल जायगी।

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आजकल प्रत्येक व्यक्ति और छोटे – छोटे बच्चों को मौसम बदलने के कारण बीमारिया होती रहती है। जिस कारण उनको डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। जिससे उनका पैसा और समय दोनों ही लगते है। लेकिन वही इलाज हम अपने घर पर भी बड़ी आसानी से कर सकते है।

Top Ghrelu Nuskhe

  • गले मेँ खरास और सूखी खांसी के लिए

अदरक और गुड़

जब किसी के गले मेँ खरास हो या सूखी खांसी आए। तो इस स्थिति मेँ रोगी को अदरक के रस मेँ गुड़ और घी मिलाकर खाएं। इससे आप को बहुत अधिक फायदा होता है। यदि आप चाहे तो गुड़ और घी की जगह शहद का भी इस्तेमाल कर सकते है।

  • मौसमी खांसी के लिए

सेंधा नमक

अक्सर हम देखते है, कि मौसम बदलने के साथ – साथ हमें खांसी व जुकाम हो जाता है। मौसमी खांसी के लिए आप 100 ग्राम सेंधा नमक की डली को गर्म कर ले। इसको लाल होने पर एक कप पानी मेँ डुबोकर निकाल लें। इस नमकीन पानी को रात के सोते समय लगातार दो – तीन दिन पीने से खांसी जड़ से खत्म हो जाती है।

  • सर्दी बुखार के लिए

तुलसी

तुलसी के 20 – 25 पत्ते लेकर उनको चटनी की भांति पीस लें। इसको 20 से 30 ग्राम मीठे दही मेँ मिलाकर प्रतिदिन खाली पेट कुछ दिनों तक खाने से बहुत अधिक फायदा होता है। ध्यान रहे की इसको दूध के साथ सेवन न करे। और एक घंटे बाद ही नास्ता करे।

  • मुँह और गले के लिए

मिश्री और सौंफ

आप सौंफ और मिश्री का पॉउडर बना लें। इसको सुबह – शाम भोजन के बाद एक – एक चम्मच प्रतिदिन लें। इससे आप की आवाज मधुर होती है। तथा इसके साथ आप के गले की खरास और अन्य कई बीमारियाँ भी ठीक होती है। मुँह से दुर्गंध नहीं आती है।

  • जोड़ो के दर्द लिए

बथुआ का रस

यह हमारे खेतों मेँ आसानी से मिल जाता है। इसको अच्छे से धोकर सुखाकर इसके पत्तों का रस निकाल लो। इसको लगातार एक महीने तक सुबह खाली पेट लेने से जोड़ो का दर्द और गठिया रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है। ध्यान रखे की इसमें कुछ अन्य चीजे न मिलाये, जैसे- नमक,चीनी या गुड़।

  • कमर दर्द के लिए

सरसों का तेल व कपूर

आप 10 ग्राम कपूर लें, व 200 ग्राम सरसों का तेल। इनको थोड़ा सा गर्म करके या कुछ समय धूप मेँ रखकर दोनों चीजों को मिलने दें। जब दोनों चीजे मिलकर एक इस की तरह बन जाये, तो इस तेल की मालिस आप कमर दर्द, माँसपेशियों का दर्द, नसों का दर्द व पीठ का दर्द वाले स्थान पर करने से बहुत आराम मिलता है।

  • पेट दर्द के लिए

अजवान और नमक

किसी व्यक्ति या बच्चे को पेट दर्द हो तो उसको अजवान और नमक का मिश्रण बनाकर देने से लाभ मिलता है। इससे छोटे बच्चों के पेट के कीड़े मर जाते है। ध्यान रहे की इस मिश्रण को गर्म पानी मेँ लेने से ज्यादा फायदा होता है।

  • घुटनों के दर्द के लिए

अखरोट, मेथी

  • रात को तीन से चार अखरोट आधा गिलास पानी मेँ भिगो कर रख दें। प्रतिदिन सुबह खाली पेट इनको खाएं व साथ मेँ वो पानी भी पियें। जिसमे आप ने अखरोट भिगोये थे।
  • रात को सोते समय एक चम्मच मेथी को आधा गिलास पानी मेँ भिगो दें। सुबह खाली पेट मेथी के दानों को खाएं और वह पानी पियें। ऐसा 15 से 20 दिन लगातार करने से आप के घुटनों का दर्द कम हो जायेगा।
  • काले धब्बों के लिए

नारियल का तेल व निम्बू

अपने चेहरे और कोहनी के काले धब्बों को दूर करने के लिए आधा चम्मच नारियल का तेल लें। उसमें आधे निम्बू का रस निचोड़कर त्वचा पर लगायें। फिर कुछ समय बाद गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा 10 – 12 दिन लगातार करने से आप की त्वचा चमकने लगेगी।

  • स्वस्थ त्वचा के लिए

मेथी, हल्दी और नमक

नमक, हल्दी और मेथी तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस ले। नहाने के दस मिनट पहले इस में पानी मिलाकर मिश्रण तैयार करके पूरे शरीर पर साबुन की तरह लगायें। और बाद में नहा ले। इसका उपयोग सप्ताह में दो दिन जरूर करना चाहिए। इससे आप की त्वचा स्वस्थ व मुलायम हो जाती है। और आप को घमौरियाँ और फुंसी भी नहीं होगी।

  • आँखों के लिए

पपीते के बीज

पके हुए पपीते के बीजों को चबा – चबाकर खाने से आँखों से संबंधित रोग दूर होता है। इससे आँखों की रोशनी भी बढ़ती है। आप इन बीजों को सुखाकर पॉउडर भी बना सकते है। सप्ताह में एक बार पॉउडर पानी के साथ लेने से शरीर में बहुत फायदा होता है।

  • माइग्रेन के लिए

दूध, हल्दी और काली मिर्च

एक चम्मच काली मिर्च का पॉउडर एक चुटकी हल्दी के साथ एक गिलास दूध में उबालें। इसको ठंडा होने पर पीने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है। लगातार इसको तीन से चार दिन पीना चाहिए।

  • सिर दर्द के लिए

सेब

प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक सेब को नमक के साथ खाने से सिर के दर्द से रहात मिलती है। इससे माइग्रेन का दर्द भी ठीक होता है। इसे आप कुछ दिन लगातार खाएं।

  • मधुमेह के लिए

आंवला, करेला और अंकुरित चने

  • एक गिलास करेले के रस में दो चम्मच आंवला का रस मिलाकर लगातार दो महीने तक पीने से मधुमेह के रोग से छुटकारा मिल जाता है।
  • रात को सोने से पहले 100 ग्राम चने पानी में भिगोकर रख दे, और सुबह खाली पेट इनको खाने से मधुमेह के रोगियों को बहुत अधिक फायदा होता है।
  • अच्छी नींद के लिए

मलाई और गुड़

रात को नींद नहीं आती है, तो लगातार कुछ दिन मलाई और गुड़ खाएं। और पानी पी लें। ऐसा करने से थोड़ी देर में ही नींद आ जाएगी।

  • हकलाना और तुतलाना दूर करने के लिए

काली मिर्च और दूध

आप 10 ग्राम दूध में 250 ग्राम काली मिर्च का पॉउडर मिलाकर रख लें। 2 – 2 ग्राम प्रतिदिन सुबह और शाम मक्खन के साथ मिलाकर खाएं। कुछ दिन लगातार खाने से आप की हकलाकर बोलने की समस्या खत्म हो जाएगी।

Who is Lawrence Bishnoi

Hello Dosto

आज मै आप को बताउगा। कि Lawrence बिश्नोई कौन (Who is Lawrence Bishnoi) है। और इसके साथ – साथ उनकी फिटनेस और उनके बारे मेँ कुछ ऐसी बातें बताउगा। जो आप सायद नहीं जानते होंगे। Salman Khan को जान से मारने की धमकी देने वाला और कोई दूसरा नहीं। बल्कि वो शख्स खुद Lawrence Bishnoi है।

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Lawrence बिश्नोई का जन्म 12 february 1992 मेँ फाजिलिका के अबोहर जिले मेँ हुआ। उनके पिता पंजाब पुलिस मेँ कॉन्स्टेबल पद पर रह चुके है। उनकी माता जी गृणी है। उनका एक छोटा भाई है जिनका नाम Anmol है। Lawrence Bishnoi की 10 वीं तक की शिक्षा अबोहर मेँ ही हुई। और बाद मेँ 12 वी की पढ़ाई के लिए चंडीगड़ DAV स्कूल से पास की है। आगे की पढ़ाई के लिए पंजाब की यूनिवर्सिटी मेँ दाखिला लिया।

SOPU

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जब यूनिवर्सिटी मेँ छात्र संग का चुनाव हुआ। तब Lawrence बिश्नोई ने एक अलग पार्टी बनाई। जिसका नाम SOPU (Student Organisation of Panjab University)रखा गया। उन चुनाव मेँ Lawrence Bishnoi यानि सोपू पार्टी हार गई थी। उनके सामने उदय सह और डग का ग्रुप था। इस हार के बाद 11 फरवरी 2011 को Lawrence Bishnoi और डग ग्रुप का आमना – सामना हुआ। जिसमे Lawrence Bishnoi ने फायरिंग कर दी, दूसरे ग्रुप से भी फायरिंग की गई। यह पहला मुकदमा था। जिसमें Lawrence Bishnoi पर केस दर्ज हुआ। इसके बाद से लेकर अब तक Lawrence बिश्नोई पर लगभग 50 मुकदमे दर्ज है। उनमें से 30 मेँ Lawrence बरी हो चूका है।

Lawrence Bishnoi खुद को शहीद भक्त सिंह का अनुयायी मानता है। यह किसी भी जाती के साथ किसी भी प्रकार का कोई भेद – भाव नहीं करता है। Lawrence Bishnoi के पास करीब सात से आठ करोड़ रूपये की पुश्तैनी जमीन व सम्पंती है।

The Secret of Lawrence Bishnoi’s fitness in hindi

चलो जानते है, Lawrence Bishnoi की फिटनेस का राज

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बचपन से

Lawrence बिश्नोई को अपने शरीर को सुड़ेला और शक्तिशाली बनाने का बहुत अधिक शौक था। इसलिए वह बचपन से ही दौड़ लगाना, jump करना, कसरत करना आदि का शौकीन था।

  • खेलकूद

Lawrence Bishnoi का सबसे प्रिय गेम वॉलीबाल और फुटबॉल है। इसके अलावा बचपन में बहुत सारे खेल खेला करता था। Lawrence का मानना था कि हम अपने शरीर को मजबूत व शक्तिशाली केवल कसरत करके ही नहीं बना सकते है। इसके लिए हमें फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल और अन्य दूसरे गेम्स भी खेलने चाहिए।

  • जिम

जब लॉरेंस कि उम्र 18 साल की थी। तब लॉरेंस चंडीगढ़ में रहता था और उसी समय से उसने gym join कर ली थी। लगातार जिम करते रहने से लॉरेंस की फिटनेस कुछ अलग ही दिखने लगी। जिससे वह लगातार जिम करता रहा।

  • जेल में भी कसरत
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लॉरेंस जेल में रहते हुए भी कसरत करता है। जिस कारण आज Lawrence Bishnoi की फिटनेस सलमान खान से भी अच्छी मानी जाती है।

  • खान – पान

Lawrence Bishnoi बचपन से ही शुद्ध भोजन करते है। वो प्रतिदिन सुबह उठकर अंकुरित चन्ने खाते है। और शाम को भुने हुए चन्ने व गुड़ का सेवन करते है। उनका मानना है की चन्ने में माँस से 10 गुणा अधिक शक्ति व प्रोटीन पाया जाता है।

Lawrence Bishnoi Vs Salman Khan

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Salman Khan को जान से मारने की धमकी देने वाला Gangster Lawrence Bishnoi ही है।Source Sanjay Bishnoi

काले हिरण शिकार में सलमान खान को जेल में जाना पड़ा। उसी समय सलमान खान ने बिश्नोई समाज के बारे में कुछ गलत कह दिया। जिस कारण उसका सामना Lawrence Bishnoi से हुआ। Lawrence Bishnoi को पंजाब, हरियाणा और राजस्तान का सबसे बड़ा Gangster माना जाता है।

40 + Health tips in Hindi 2019

Water is most important पानी है अमृत के सम्मान जानिए, कैसे

हेलो दोस्तों,
आज हम जानेंगे। कि पानी को यदि हम सही तरीके से पिए तो पानी भी अमृत से कम नहीं है। और हम ये भी जानेगे की पानी पीने के क्या – क्या फायदेहोते है।

ऐसे तो इंसान के शरीर में पानी की मात्रा 50 – 60 प्रतिशत होती है। लेकिन फिर भी इंसान को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। जिससे उनके शरीर में पानी की कमी न आए। यदि इंसान में पानी की कमी हो जाए तो इससे उसके शरीर में कई तरह की बीमारिया हो जाती है। पानी शरीर कई ऊतकों और अंगो की रक्षा करता है। इसके अलावा पानी आप के शरीर के तापमान को भी निंयत्रित रखता है।

पानी पीने के फायदे ( 10 + Top Benefits of drinking water in hindi)

पानी पीने के फायदे ही फायदे है। लेकिन हम लोगो को पानी पीने के नियमों का पता होना चाहिए। हमे ये भी पता होना चाहिए की हमे पानी कब और कैसे पीना चाहिए। इससे हमे बहुत ज्यादा फायदा होता है।

खाली पेट पानी पीने के फायदे

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  • पेट संबंधी समस्या

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से पेट की सारी समस्याए खत्म हो जाती है। इससे कब्ज में राहत मिलती है। आंतो में जमा मल निकलने में आसानी होती है। जिससे पेट पूरी तरह साफ हो जाता है। और भूख भी अच्छी लगती है।

  • तनाव में राहत


सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से पूरे दिन शरीर में तनाव नहीं रहता है। और इससे मानसिक समस्या भी ठीक होती है। जब आप सो कर उठते है, तो आप का दिमाग शांत होता है। ऐसे समय में पानी पीना दिमाग के लिए ऑक्ससीजन प्रदान करने के बराबर है। जिससे दिमाग अच्छा चलता है।

  • पेशाब संबंधी समस्याए


सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से रातभर शरीर में बने हानिकारक तत्वों को एक ही बार में पेशाब के जरिए निकालने का काम करता है।
इसके साथ ही समय – समय पर भरपूर मात्रा में पानी पीने से पेशाब में जलन, यूरिन इंफेक्शन और अन्य समस्या समाप्त हो जाती है।

  • वजन कम करे


सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म 24 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। जिससे वजन आसानी से कम होता है। वहीँ गर्म पानी पीने से अतिरिक्त चर्बी कम होती है। और आप का वजन कम हो जाता है।


सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से कोशिकाओं को ऑक्ससीजन मिलती है। और वे सक्रिय रहती है। जिससे त्वचा पर ताजगी बनी रहती है।
इसके साथ ही शरीर से हानिकारक तत्व पसीने के द्वारा बहार निकल जाते है। और त्वचा अंदर से साफ हो जाती है। और उसमे नमी बनी रहती है, जिससे त्वचा स्वस्थ व चमकदार दिखाई देती है।

  • शरीर का तापमान


सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से दिन की शुरुआत से ही आपके शरीर का तापमान निंयत्रित रहता है। जिससे छोटी – छोटी बीमारियों से शरीर सुरक्षित रहता है।

गर्म पानी पीने के फायदे

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अच्छी सेहत के लिए सभी लोगो को दिन में 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। लेकिन कई बार लोग ठंडा या गर्म, सादा पानी पीने को लेकर भर्म में रहते है। कई रिसर्च से सामने आया है। कि सुबह उठकर ठंडा या सादा पानी पीने के बजाए गर्म पानी पीने के बहुत ज्यादा फायदे है।

  • अगर भूख कम लगे

अगर भूख कम या ना लगने कि समस्या है तो एक गिलास गर्म पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू का रस डालकर पिए। इससे आपकी भूख तेजी से बढ़ती है। और साथ ही पेट भी हल्का रहेगा।

  • कब्ज हो

अगर आप को कब्ज कि शिकायत है। और अक्सर आप का पेट खराब रहता है। तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। इससे कब्ज में भी आराम मिलेगा और पेट भी साफ रहेगा।
इसके अलावा और बहुत से फायदे है गर्म पानी पीने के जिससे आप अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हो।

मांसपेशियों के लिए जरूरी

पानी पीने से मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ो के दर्द की समस्या कम हो जाती है। और इसके अलावा जब आप का शरीर हाइडेटेड होता है । तो आप बेहतर तरीके से लम्बे समय तक एक्सरसाइज कर पाते है। इसलिए पानी हमारे शरीर में मांसपेशियों के लिए बहुत लाभकारी है।

एनर्जी

अगर आप थकान और कमजोरी महसूस करते है। तो आप के लिए पानी बहुत फायदेमंद होगा। जब हमारे शरीर में हिडाइड्रेशन होता है तो उससे भी हमारे शरीर में थकावट महसूस होती है। इसलिए सही मात्रा में पानी पीना आपके लिए बहुत आवशयक है। इसके अलावा अधिक मात्रा में पानी पीने से हमारे शरीर में अच्छी तरह से ब्लड सर्कुलेशन होता है। और साथ में ब्लड के जरिए शरीर के सेल्स में बहेतर तरीके से ऑक्सीजन और न्यूट्रीएंस पहुंचते है।

किडनी के लिए फायदेमंद

किडनी में स्टोन की समस्या लगातार बढ़ रही है। बच्चो में भी किडनी में स्टोन की समस्या आम हो गई है। इसका मुख्य कारण सही मात्रा में पानी न पीना है। शरीर में मौजूद जो साल्ट और मिनरल्स स्टोन बनाते है। पानी उन साल्ट और मिनरल्स को घोल देता है। जिससे स्टोन होने का खतरा कम हो जाता है।

पानी पीने के कुछ नियम

आहार में जल को पेय आहार यानि जीवन रक्षक कहा है। इसे भोजन से भी ज्यादा महत्व दिया गया है। इसलिए इसे अमृत के सम्मान कहा भी जाता है। पानी पीने के कुछ नियम निम्नलिखित है।

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  • एसिडिटी, अधिक गर्मी का प्रभाव, विष विकार में, अधिक श्रम और खाने के दो घंटे बाद जल पिए।
  • जुकाम, पेट से संबंधी परेशानियां, हिचकी अधिक हो और साँस से संबंधी परेशानिया हो तो पानी को उबाल क्र पीना चाहिए। इस जम को दिन भर थोड़ा -थोड़ा पिए।
  • एक बार में केवल एक गिलास ही पानी पीना चाहिए, वरना अपच की परेशानी हो सकती है।
  • मिश्री मिला पानी पीने से पित नाश और शुक्र वृदि होती है।
  • नया गुड़ जल में मिलाकर पीने से पेशाब में रुकावट दूर होती है।
  • भोजन के तुरत पहले एव बाद में जल न पिए, इससे अपच होती है। कारण भोजन को पचाने वाले रस को जल ठंडा व पतला करता है, जिससे कब्ज और अपच होता है। भोजन के दो घंटे बाद जल पीना बल वर्धक माना जाता है।
  • प्यास लगे उसी समय पीना चाहिए, जल हमेशा घूंट – घूंट कर पीना चाहिए। खड़े होकर जल पीने से घुटना पकड़ लेता है। जल हमेशा बैठ कर ही पीना चाहिए।
  • खाली पेट प्यास लगे तो गुड़ खा कर पानी पिये।
  • जल पीकर तुरत दौड़ना व घुड़सवारी आदि से बचें।
  • जल शांत चित होकर पिये, अधिक शोक, तनाव, क्रोध की स्थिति में न पिये।
  • रात में नीद खुलने पर तुरंत जल पीने से जुकाम हो जाता है।
  • जल कभी भी लेटकर और अँधेरे में न पिये।
  • जल पीने के बाद पहली सांस नाक से न छोड़कर मुंह से छोड़े ।

निम्बू पानी पीने के फायदे

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बड़े – बुजर्गों द्वारा हमेशा से सलाह दी जाती है। कि अपने स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। लेकिन आमतौर पर सीधे पानी में उन्हें कोई स्वाद नहीं लगता है। ऐसी स्थिति में उन्हें निम्बू पानी पीना चाहिए। क्योकि इसका स्वाद भी होता है और हमारे शरीर में पानी कि मात्रा पूरी हो जाती है। निम्बू पानी पीने के फायदे निम्नलिखित है।

  • निम्बू पानी कैंसरकारी तत्वों का विरोधी है। कैंसर के बचाव के लिए निम्बू पानी बहुत फायदेमंद होता है।
  • स्ट्रेस और ब्लड प्रेशर के लिए निम्बू पानी बहुत अधिक फायदेमंद है।
  • मसूड़ों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए निम्बू पानी एक अच्छा स्त्रोत माना गया है, निम्बू पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर सेवन करने से बहुत फायदा होता है।
  • पेट से संबंधित सभी समस्याओं के लिए निम्बू पानी बहुत फायदेमंद माना जाता है।
  • वजन घटाने के लिए यह एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत है, सुबह – शाम शहद के साथ निम्बू पानी पीने से वजन आसानी से घटने लगता है।
  • खराब गला निम्बू – पानी को गुनगुना करके पीने से गले की खराबी से बहुत जल्दी छुटकारा मिलता है।
  • पाचनक्रिया में निम्बू पानी बहुत अधिक फायदेमंद माना जाता है। साथ ही यह एसिडिटी और गठिया के खतरे को भी कम करता है।
  • निम्बू पानी पीने का सबसे अधिक फायदा किडनी स्टोन पर होता है। साथ ही यह किडनी स्टोन बनने के किसी भी खतरे को कम करता है।

खून की कमी को पूरा करने के लिए घरेलू उपाए

Hello Friend’s

आज हम जानेंगे कि (What is Blood in hindi)खून क्या होता है। और इसकी कमी से कौन – कौन से रोग हो जाते है, जब व्यक्ति के शरीर में रक्त कि कमी हो जाती है, तो उसमें कौन – कौन से लक्षण पाए जाते है। खून कि कमी को पूरा करने के लिए हमें क्या – क्या खाना चाहिए और किन – किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


खून यानि रक्त लाल रंग का होता है। जो चिपचिपा क्षारीय प्रदार्थ है, इसमें हीमोग्लोबिन (Hemoglobin)कि मात्रा अधिक पाई जाती है, जिस कारण इसका रंग लाल होता है। प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में उसके वजन का 7 % भाग रक्त होता है।

एनीमिया (What is Animia)

हमारे शरीर में दो तरह की रक्त कोशिकाएं होती है सफेद और लाल। जब व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हो जाती है। तब शरीर में खून की कमी आ जाती है। जिसे हम एनीमिया कहते है।

  • लोहे की कमी से होने वाले एनीमिया का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों व महिलाओं पर अधिक पड़ता है।
  • रक्त की मात्रा कम होने से शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है। जिससे व्यक्ति को कई रोगों का सामना करना पड़ता है।
  • हमारे शरीर में लाल रक्त कण के लिए आयरन की मात्रा अधिक होना बहुत जरूरी है।
  • हीमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन होता है, इसको ही खून की कमी बोला जाता है।
  • आयरन की मात्रा कम होने से हीमोग्लोबिन की मात्रा भी कम हो जाती है।

एनीमिया तीन प्रकार का होता है-

  • खून की कमी से होने वाला एनीमिया।
  • हेमोलासिस एनीमिया।
  • लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में कमी के कारण होने वाला एनीमिया।

एनीमिया के लक्षण

  • थकान
  • ज्यादा पसीना आना
  • उलटी आना
  • घबरावट
  • साँस लेने में दिक्क्त
  • सर्दी अधिक लगना
  • शरीर का कमजोर हो जाना
  • अस्वस्थता
  • जल्दी सुस्ती आना
  • पैरों और हाथों में सूजन
  • चक्कर आना

घरेलू उपाए (Best Ghrelu tips)

व्यक्ति को अपने शरीर में रक्त की पूर्ति करने के लिए हरी व ताजा फल सब्जियाँ खानी चाहिए। इसके साथ उनको अपने रहन – सहन व खान – पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। खून की कमी को पूरा करने के निम्नलिखित उपाए है-

  • अमरुद का सेवन

अमरुद में ऐसे पौष्टिक तत्व पाए जाते है। जो हमारे शरीर में खून की कमी को पूरा करके हमे स्वस्थ रखते है। जितना अधिक अमरुद पका हुआ होगा उसमें उतना ही पौष्टिक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इससे हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। महिलाओं के लिए अमरुद बहुत अधिक फायदेमंद होता है।

  • संतरा

संतरे में विटामिन – सी सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा भी पाई जाती है। जो खून को बढ़ाने व शरीर को रोगों से बचाने के लिए फायदेमंद है।

  • अंगूर

इसमें विटामिन, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अंगूर खाने से हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। जिससे खून की कमी भी पूरी होती है। इसको हम सीधा खा भी सकते है या इसका जूस भी निकालकर सेवन कर सकते है। अंगूर खाने से चेहरे की निखार भी बढ़ती है।

  • स्ट्रॉबेरी

इसमें विटामिन – सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो खून की मात्रा को बढ़ाता है। इसके साथ यह हमारे दांतों को मजबूत व चमकदार बनाने को सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

केले के फूल में सबसे अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है। जो शरीर में जाकर हीमोग्लोबिन की मात्रा को पूरा करता है। जिससे शरीर में कभी – भी खून की कमी नहीं आती है।

  • सेब

सेब और खजूर खाने से शरीर में हीमग्लोबिन की पूर्ति होती है। क्योंकि इसमें विटामिन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। एक सेब में लगभग ०,12 प्रतिशत आयरन पाया जाता है। प्रतिदिन एक सेब और 8 से 10 खजूर खाने से एनिमिया रोग जड़ से खत्म होता है

  • आम

एनिमिया में आम खाना बहुत फायदेमंद माना जाता है। एक गिलास दूध में एक कप आम व एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।

  • पपीता

प्रतिदिन 200 से 250 ग्राम पपीता खाने से खून की कमी दूर होती है। पपीता का सेवन एक महीने लगातार करने से बहुत अधिक फायदा होता है।

  • चीकू

इसमें आयरन की मात्रा अधिक पाई जाती है। प्रतिदिन 3 से 4 चीकू खाने से खून की कमी दूर होती है।

इसमें भी आयरन की मात्रा अच्छी होती है। जो नए ब्लड सेल्स के उत्पादन को बढ़ाती है। एक कप चावल में दो चम्मच मेथी के बीज डालकर पकाये। इसमें स्वादनुसार नमक या मीठा डालकर दिन में एक या दो बार जरूर सेवन करे। ऐसा कुछ दिनों तक करने से आप के शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है।

  • चुकंदर

चुकंदर खाने से शरीर का रक्त साफ होता है। इससे मुँह पर दाग – दब्बे भी साफ होते है। यदि आप इसका सेवन जूस के रूप में करते है, तो शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाता है तथा शरीर को स्वस्थ रखता है।

  • गाजर

प्रतिदिन एक गिलास गाजर का जूस पीने से शरीर के लिए बहुत अधिक फायदेमंद माना जाता है। इससे व्यक्ति की आँखे और शरीर बिल्कुल तंदुरुस्त रहता है। जो व्यक्ति या छोटा बच्चा शरीर में कमजोर और खून की कमी से ग्रस्त है। वह हर – रोज गाजर का जूस पिये या दो – तीन गाजर को खूब चबा – चबाकर खाएं।

  • पालक

पालक की सब्जी एनिमिया रोग में दवा के रूप में है। आप लगातार 25 से 30 दिन पालक की सब्जी बनाकर उसमे थोड़ा गाय का घी मिलाकर खाएं, इससे आपके शरीर में खून की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है।

हीमोग्लोबिन की मात्रा को पूरा करने के लिए लहसुन में थोड़ा – सा नमक मिलाकर चटनी बनाएं। इसको खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है, और शरीर में रक्त की कमी पूरी होती है।

  • अंकुरित

अंकुरित चन्ने, गेहूं, मुंग और मोठ खाने से शरीर में ताकत आती है। इनको सुबह नास्ते में नींबू के रस में मिलाकर खाएं। इनको लगातार कुछ दिनों तक कहने से शरीर में खून की कमी दूर होती है। और शरीर जोशीला व मजबूत बन जाता है।

  • गिलोय

शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने के लिए गिलोय का रस बहुत अच्छा स्त्रोत है। गिलोय का रस आयुर्वेदिक दुकानों पर मिल जाता है।

  • आंवला

आंवला में विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो शरीर में खून की कमी को पूरा करता है। इससे खून साफ होता है। आंवला व जामुन के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

  • ड्राई फूड्स

बिदाम, पास्ता, काजू और अखरोट खाने से खून में आयरन की मात्रा बढ़ती है। इससे शरीर में ताकत मिलती है। प्रतिदिन ड्राई – फूड्स को खाने से शरीर में कमजोरी नहीं रहती है। और चेहरा चमकने लगता है।

Height बढ़ाये केवल 10 दिनों में 2 से 3 इंच

हेलो दोस्तों, 
जिस प्रकार हेल्दी रहने के लिए डाइट कि जरूरत होती है, उसी प्रकार हमारी हाइट का भी सही होना जरूरी है। आज मै आप को height कैसे बढ़ाये, क्यों जरूरी है। और किन – किन कारणों से आप की height नहीं बढ़ पाती है। और उम्र के हिसाब से लड़के और लड़की ही height कितनी होनी चाहिए। ये सभी चीजों के बारे में बताउगा।

जैसा की हम सभी जानते है। कि हमारी height न तो कम होनी चाहिए। और न ही अधिक होनी चाहिए। जिन लोगो कि height कम होती है। उन लोगो को बोना कहा जाता है। और जिन लोगो कि height ज्यादा होती है। उन लोगों को लम्बू कहा जाता है। एक साधारण व्यक्ति कि height 5.5 – 6 fit होनी चाहिए।

height न बढ़ने के कारण


शरीर कि लम्बाई न बढ़ने के कारण निम्नलिखित हो सकते है।

  • पौष्टिक तत्वों की कमी

जब हमारे शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी आ जाती है। तो हमारी height पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ता है। जब छोटे बच्चों में पौष्टिक तत्व की कमी आ जाती है। तो पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण होने वाली सबसे बड़ी बीमारी उनकी height का न बढ़ना होता है।

  • Growth harmon की कमी

यह हार्मोन बच्चों की लम्बाई बढ़ाने में काम करता है। जब इसकी कमी बच्चों के शरीर में हो जाती है। तो बच्चों की लम्बाई नहीं बढ़ पाती है। बच्चों को सबसे ज्यादा हार्मोन माँ के दूध से मिलता है। ज्यादा कमी होने के कारण डॉक्टर बच्चों को Growth harmon लेने की सलाह देता है।

  • कुपोषण

जब कोई बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। तो न सिर्फ उसका कद का विकास रुकता है। बल्कि उसके पूरे शरीर का विकास रुक जाता है। यह बीमारी ज्यादातर गरीब बच्चों में पाई जाती है। क्योकि उनके पास न अच्छा वातावरण होता है, और न ही रहन – सहन।

  • अनुवांशिकता के कारण

अनुवांशिकता का अर्थ बच्चे के माता – पिता से होता है। जिन के माता – पिता की हाइट कम होती है, तो उनके बच्चों की भी हाइट कम होगी। लेकिन यदि उनके माता – पिता की हाइट लम्बी है, तो उनके बच्चे की भी हाइट लम्बी होगी।

  • पानी की कमी के कारण

पानी हमारे लिए अमृत के सम्मान है। इसकी कमी हो जाने पर सारा शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। इसकी कमी के कारण हमारा कद भी रुक जाता है। जिसके कारण हमारी height नहीं बढ़ पाती है।

  • भारी वजन के कारण

बच्चे को छोटी उम्र में भारी वजन नहीं उठाना चाहिए। इससे उसकी लम्बाई नहीं बढ़ पाती है।

height बढ़ाने के उपाए

चाहे स्त्री हो या पुरुष, अच्छी height का होना दोनों की सुंदरता और व्यक्तित्व में निखार लाती है। क्योकि लम्बाई जीन्स पर निर्भर करती है।इसलिए कुछ लोग सोचते है कि लम्बाई बढ़ाना नामुनकिन है। लेकिन आप को यह जानकर ख़ुशी होगी, कि यदि आप लगातार कुछ दिन हमारे बताये हुए नुस्खों और नियमों का पालन करोगे। तो आप अपनी लम्बाई आसानी से बढ़ा सकते हो।

  • योग
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ताड़ासन कर शरीर की लम्बाई बड़ाई जा सकती है। छोटे बच्चे को ताड़ासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। ऐसा करने से आप अपनी height 6 फूट तक बढ़ा सकते हो। ताड़ासन करने के लिए अपने दोनों हाथ को ऊपर करके सीधे खड़े हो जाए, फिर गहरी साँस ले, धीरे – धीरे हाथों को ऊपर उठाते जाए और साथ में एड़िया भी उठनी चाहिए। पूरी एड़ियों को उठने के बाद पूरे शरीर को तान दे और फिर गहरी साँस ले। इससे स्नायु सक्रिय होकर विस्तृत होती है, जिससे हमारी height बढ़ती है।

  • स्वस्थ व पौष्टिक आहार

पौष्टिक भोजन में मौजूद विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, फॉरस्फोरस और मैग्नीशयम लम्बाई बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। जंक फ़ूड , तेलिया प्रदार्थ और चीनी आदि से पहरेज रखे। हमेशा दूध, घी, हरी सब्जिया,जूस और गाजर आदि का सेवन करना चाहिए। साथ ही बदाम, मूंगफली और केला आदि खाना चाहिए।

  • पर्याप्त नींद

पर्याप्त नींद स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण भाग है। नींद का कम और ज्यादा होने से हमारे शरीर पर बहुत प्रभाव पड़ता है। पर्याप्त नींद लेने से लम्बाई को नियंत्रण करने वाले हार्मोन की वृदि होती है। इसलिए, हमे दिन में कम – से – कम 8 घंटे जरूर सोना चाहिए।

  • नशे से दूर रहे
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शराब पीना और धूम्रपान करना स्वास्थ के लिए बहुत हानिकारक है। इससे व्यक्ति के विकास और लम्बाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए।

  • धूप ले

धूप से हमे विटामिन ‘डी’ मिलता है। जो हमारी हडियों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। ध्यान रहे की आप तेज धूप में न जाये।सुबह या शाम को ही धूप में जाएं और उसका पूरा लाभ मिलता है।

  • पानी

पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए, इससे हमारे शरीर में किसी भी प्रकार की समस्या उतपन नहीं होगी। पानी न पीने से मेटबॉलिज्म धीमा हो जाता है। और आपकी बढ़ती लम्बाई बाधित हो जाती है।

  • लटकने वाली एक्सरसाइज करे

हम देखते है, कि बच्चे अक्सर झूला झूलना या झूले वाले खेल खेलना बहुत पसंद करते है। जिन्हे वे कुछ इस तरह पकड़ते है। जिससे उनकी लटकने वाली एक्सरसाइज भी हो जाती है। प्रतिदिन 10 मिनट इस एक्सरसाइज को करने से बच्चों का कद बढ़ने में मद्त करता है। और वे फुर्तीले रहते है।

  • खेलकूद में बढ़ाये रूचि

खेलने कूदने से बच्चों का शारीरिक रो मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ रहता है। बच्चों को कंप्यूटर गेम, मोबाइल फ़ोन चलाने की बजाए, उन्हें फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन व टेनिस जैसे खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

  • दौड़ लगाना

जिनका कद छोटा है उनको हर रोज सुबह – शाम दौड़ लगानी चाहिए। इससे आप का शरीर भी फ़र्तुला और जोशीला बन जायेगा और साथ में आप का कद भी बढ़ने लगेगा।

  • व्यायाम जो आप की बढ़ाये लम्बाई
  • ताड़ासन
  • भुजगासन
  • शीर्षासन
  • पशिचमोत्सान
  • देशी गाय का दूध

गाय का दूध पीने से हमारे सारे शरीर के रोग दूर हो जाते है। गाय के दूध को अमृत के सम्मान माना जाता है। देशी गाय का दूध कदवृद्धि में बहुत सहायक है।

उम्र के हिसाब से जाने लड़के और लड़की की height

0 – 3 महीने से 8 साल तक के लड़के और लड़की की height

S.No.महीने / साल  लड़को की heightलड़कियों की height
10 – 3 महीने1.65 ft1.63 ft
23 –5 महीने2 ft1.97 ft
36 – 8 महीने2.2 ft2.18 ft
49 – 11 महीने2.37 ft2.33 ft
51 साल  2.49 ft2.46 ft
62 साल  2.8 ft2.77 ft
73 साल  3.11 ft3.08 ft
84 साल  3.37 ft3.33 ft
95 साल  3.66 ft3.55 ft
106 साल  3.88 ft3.75 ft
117 साल  3.99 ft3.95 ft
128 साल  4.18 ft4.14 ft

9 साल से 18 साल तक के लड़के और लड़की की height

S.No.महीने / साल  लड़को की heightलड़कियों की height
19 साल  4.33 ft4.33 ft
210 साल  4.51 ft4.53 ft
311 साल  4.59 ft4.65 ft
412 साल  4.82 ft4.85ft
5 13 साल  5.01 ft4.02ft
614 साल  5.24 Ft 5.08 ft
715 साल  5.44 ft5.28 ft
816 साल  5.61 ft5.31 ft
917 साल  5.74 ft5.34 ft
1018 साल  5.08 ft5.38 ft

Best 20 + ghrelu upaye chasma htane ke lie Hindi mai

Hello Friend’s

आज हम जानेंगे। कि चश्मा किन – किन कारणों से लगता है। और कैसे हम कुछ दिनों तक घरेलू नुस्खों का उपयोग करके चश्मा से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते है। आजकल हम देखते है कि छोटे बच्चों से लेकर बड़े – बूढ़ो तक हर दूसरे व्यक्ति को चश्मा लगा हुआ है। जिससे उन लोगों को साफ तो नजर आता है। लेकिन चश्मा लगाना उन्हें अच्छा नहीं लगता है।


अगर आप की आँखों से पानी बहता है, सूजन आती है, आपकी आँखे कमजोर है या फिर आप को चश्मा लगा हुआ है, तो आप मेरे बताये हुए नुस्खों का नियमित रूप से उपयोग करने से आपकी आंखे पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी। किसी भी व्यक्ति को चश्मा इसलिए चढ़ता है, क्योंकि उनकी आँखों कि रोशनी कम हो जाती है। और उन लोगों को न तो दूर का दिखता है और न ही पास का दिखता है, जिस कारण उन्हें चश्मा का सहारा लेना पड़ता है।

चश्मा लगने के कारण

  • आँखों की रोशनी कम होना

जब बच्चों या बड़े व्यक्ति के आँखों की रोशनी कम हो जाती है। तो उन को नजदीक व दूर की वस्तुएं साफ दिखाई नहीं देती है। जिस कारण उनको चश्मा का सहारा लेना पड़ता है।

शरीर में विटामिन की कमी होने से शरीर तो कमजोर होता ही है, लेकिन इसके साथ उनकी आँखों पर भी बहुत अधिक असर पड़ता है। जिससे उनको चश्मा लगाना भी पड़ता है।

  • आनुवंशिकता

जिन बच्चों के माता – पिता के चश्मा लगा हुआ है, उनके बच्चों के भी चश्मा चढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए आनुवंशिकता को भी चश्मा लगने का कारण माना गया है।

  • अधिक समय तक T. V. और PHONE का इस्तेमाल करना

हम अक्सर देखते है कि बच्चों को T V और PHONE को शौक बहुत ज्यादा होता है। छोटे बच्चों को बचपन में ही फ़ोन खेलने के लिए दे दिया जाता है। फोन को उसे करने से उसकी आँखों की रोशनी कम हो जाती है। और उनको छोटी – सी उम्र में चश्मा लगाना पड़ता है।

  • लापरवाही के कारण

जब बच्चों की आँखों में सूजन या थोड़ा दर्द होता है, तो उस समय हम उसको अनदेखा कर देते है। लेकिन वह कुछ समय बाद बड़ा कारण बन जाता है और इससे बच्चों के चश्मा लगने का भी डर रहता है।

चश्मा हटाने के घरेलू उपाए

आँखे शरीर के लिए अनमोल है, आँखो के बिना हमारा पूरा जीवन अधूरा माना जाता है। इससे हम संपूर्ण संसार को देख सकते है। यह अँधेरे कमरे में दीपक के सम्मान है, आँखों को स्वस्थ रखने और चश्मा हटाने के लिए निम्नलिखित घरेलू उपाए व नुस्खे है।

  • पानी के छींटे मारे

प्रतिदिन दिन में 4 – 5 बार अपनी आँखों को ठंठे पानी से धोना चाहिए। इससे हमारी आँखों की सफाई होती है, और हमें साफ दिखता है। पढ़ने से पहले व बाद में भी आप ऐसा कर सकते हो, इससे बहुत अधिक फायदा होता है।

  • बादाम

बादाम के तेल की अपने दोनों आँखों के पास हल्के हाथों से मालिस करें, क्योकि ऐसा करने से रक्त संचार ठीक रहता है। और आँखों की थकान भी दूर होती है। आँखों पर लगा चश्मा उतारने के लिए आप नियमित रूप बादाम का सेवन कर सकते है, इसके लिए आप रात को सोने से पहले एक गिलास पानी में करीब 8 – 10 बादाम भिगो कर रख दें। सुबह होते ही आप इन बिदामो को खाये। इससे आप की आँखों की रोशनी बढ़ती है, और आप की चश्मा भी उतर जाती है।

  • घी (ghee)

आँखों के लिए गाय का घी अमृत के सम्मान माना गया है। गाय के घी को कनपटी (कान के पिछले भाग पर) लगाकर कुछ समय तक मसाज करने से आँखों की रोशनी बढ़ने लगती है।

  • अनुलोम – विलोम प्राणायाम

लगातार तीन से चार महीने अनुलोम – विलोम प्राणायाम करने से गारंटी के साथ आपको चश्मा से छुटकारा मिल जाता है।

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अनुलोम – विलोम प्राणायाम करने की विधि – सबसे पहले पलाथी मारकर बैठ जाएं, अपनी कमर और गर्दन को सीधा रखे, अब अपनी आँखे बंद कर ले। अब अपने हाथों को नाक के छेद के पास ले जाये, अब अपनी बीच की ऊँगली को सीधा रखते हुए अंगूठे से दाएं नाक को बंद कर ले, अब अपनर सीधे हाथ को नाक के पास ले जाये, और बाएं नाक से धीरे – धीरे साँस को बाहर की और निकले। सांस छोड़ने के बाद अब बाएं नाक से सांस भरना प्रांरभ करें, ज्यादा से ज्यादा सांस भरने के बाद बाएं नाक को उंगलियों के माध्यम से बंद कर लें व अंगूठे को दाये नाक से हटाकर उसी से साँस लें। ऐसे कम से कम पांच मिनट तक करते रहने से आँखों की रोशनी बढ़ने लगती है।

  • हल्दी

हल्दी की गांठ को तुअर की दाल में उबाल लें। इसे छाया में सुखकर रख लें। इस गांठ को पानी में घिसकर सूर्यास्त से पूर्व दिन में दो बार काजल की तरह लगाने से आँखों की लालिमा दूर होती है। और आँखे स्वस्थ रहती है।

  • त्रिफला
  • यह फल तीन फलों से मिलकर बना है। इससे पुरे शरीर में बहुत फायदा होता है। आँखों के लिए इसे अलग तरीके से प्रयोग किया जाता है।
  • इसको रात को सोने से पहले पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी से आंखों को धोएं। इससे आँखे स्वस्थ रहती है और ऐसा कुछ दिन लगातार करने से आंखों पर लगा चश्मा भी उतर जाता है।
  • त्राटक आसन

इसका मतलब होता है कि किसी एक चीज को लम्बे समय के लिए एक नजर से देखना। आप इस आसन को करने के लिए अँधेरे कमरे में एक मोमबती जलाकर रख दें। अब इस मोमबती को एक नजर से बिना पलके झपकाए देखते रहे, इसके बाद आँखे बंद करके ॐ का उच्चारणकरें।और फिर आँखे खोल लें। ऐसा तीन से चार बार करें। इसके बाद अपने दोनों हाथ कि हथेलियों को आपस में रगड़कर अपनी आंखों को स्पर्श करें, और आँखे खोल लें। ध्यान रहें कि आप कि नजर हमेशा अपनी नाक पर होनी चाहिए। इस आसन को हफ्ते में 3 – 4 बार करें।

  • ग्रीन टी

इसका सेवन करने से त्वचा के साथ – साथ शरीर के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें केटेचिस नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते है, जो आँखों की रक्षा करते है। इससे आँखों की रोशनी तेज होती है।

  • सुरमा डालें

काजल और सुरमा आँखों में निकालना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें ऐसे कार्बन के कण होते है, इसलिए ध्यान रहे की सुरमा आँखों के बहार निकाले अंदर नहीं।

  • सामान्य कसरतें

अपनी आँखों की रोशनी तेज करने के लिए व चश्मा से छुटकारा पाने के लिए सामान्य कसरतें करनी चाहिए,जैसे की हर रोज प्राप्त: काल और शाम को एक – एक मिनट तक पलकों को तेजी से खोले और बंद करने का अभ्यास करें, सुबह उठते ही अपने मुँह का थूक आँखों में लगाए, सीधे बैठकर अपनी आँखों को चारों दिशा में घुमाएं।

  • शीर्षासन

आँखों को 100 वर्षो तक सही रखने के लिए नियमित रूप से शीर्षासन करना चाहिए। ध्यान रहे की शीर्षासन करते समय आँखे बंद रहनी चाहिए। आँखे खुली रखने से रोशनी पर उल्टा प्रभाव पड़ता है। आप यदि शीर्षासन नहीं कर सकते तो आप सर्वांगासन कर सकते है इससे भी बहुत अधिक फायदा होता है।

  • बादाम गिरी और सौंफ का चूर्ण

बादाम, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लें, इसको पीसकर पाउडर बना लें, अब इस को रात को सोने से पहले दूध के साथ सेवन करें। ऐसा लगातार 2 – 3 महीने तक करने से आप के आँखों की रोशनी बढ़ जाती है और चश्मा से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।

जामुन में मिनरल्स और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से बहुत फायदा होता है, यह आँखों की रोशनी बढ़ाने में सक्षम माना गया है।

40 + Health tips in Hindi 2019



जोड़ो के दर्द का कारण, लक्षण और रोगथाम के घरेलू उपाए

हेलो दोस्तों

शरीर के ऐसे हिस्से जहां हड्डियां मिलती हो, जोड़ कहलाता है। जैसे घुटने (knee), कंधे (shoulder), कोहनी(elbow) व टखना (ankle) आदि। जोड़ो का दर्द जिसे मेडिकल की भाषा में आर्थराइटिस भी खा जाता है। घरेलू चिकित्सा द्वारा जोड़ो के दर्द को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। अगर घरेलू नुस्खों को नियमित रूप से अपनाया जाएं।

आज हम जानेंगे। कि जोड़ो का दर्द(Joint pain) कब और क्यों होता है। इसके क्या – क्या लक्षण व कारण है। और यह रोग हमे किन – किन कारणों से होता है। और हमे अपने शरीर को जोड़ो के रोग से बचाने के लिए किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

जोड़ो के दर्द का कारण

  • मोच आने से
  • प्रभावित हिस्सों पर ज्यादा जोर डालने से
  • किसी प्रकार की चोट लगने से
  • उम्र बढ़ने के साथ
  • हड्डियों में रक्त की आपूर्ति में रुकावट आना
  • मिनरल्स की कमी
  • विटामिन्स की कमी
  • चोट लगना
  • अर्थराइटिस
  • कार्टिलेज का फटना
  • कार्टिलेज का घिस जाना

जोड़ो के दर्द के लक्षण

  • जोड़ो में कमजोरी आना
  • चलने – फिरने में दिक्क्त होना
  • जोड़ो में खिंचाव महसूस होना
  • जोड़ो को मोड़ने में परेशानी होना
  • जोड़ो में कठोरता होना
  • जोड़ो का लाल होना
  • जोड़ो का न मुड़ना
  • जोड़ो में सूजन और दर्द होना

जोड़ो के दर्द का रोगथाम व घरेलू उपाए

जोड़ो का दर्द होने के कारण व्यक्ति को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसको ठीक करने के घरेलू उपचार निम्नलिखित है।

  • तेल मालिश

दर्द वाली जगह पर गहराई से की गयी तेल की मालिश भी दर्द से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है। किसी अच्छे तेल से दर्द वाले स्थान पर 20 मिनट तक मालिश करने से बहुत अधिक फायदा होता है, इससे दर्द वाले स्थान से सूजन भी चली जाती है।

  • सेंधा नमक से उपचार

गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर जोड़ो को उसमे डुबो कर रखें या उस पानी को दर्द वाली जगह पर लगाए यानि पानी को बहाते रहें। सेंधे नमक में मैग्नम सल्फेट होता है जो एंटी आथ्र्राइटिस और एंटी इंफ्लेमेट्री के रूप में जाना जाता है। गर्म पानी से नहाने से रक्त संचार बढ़ जाता है। और जोड़ो का दर्द कम हो जाता है।

  • प्याज का उपयोग
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प्याज अपने सूजन विरोधी गुणों के कारण घुटनों की पीड़ा में लाभकारी हैं। प्याज में फायटोकेमिकल्स पाए जाते हैं जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। एक रिसर्च में पाया गया की प्याज में पीड़ा निवारण गुण होते हैं।

  • गाजर का इस्तेमाल

इसमें जोड़ो के दर्द को दूर करने के गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। चीन में सैकड़ो वर्षो से गाजर का इस्तेमाल संधिवात पीड़ा के लिए किया जा रहा हैं। गाजर को पीस लीजिये और इसमें थोड़ा – सा नींबू का रस मिलाकर रोजाना सेवन करने से जोड़ो के दर्द में बहुत अधिक आराम मिलता हैं।

  • पारिजात हैं वरदान
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अगर आप के घुटनों की चिकनाई खत्म हो गई हो और जोड़ो के दर्द में किसी भी प्रकार की दवा से आराम ना मिलता हो तो ऐसे लोग हारसिंगार (पारिजात) पेड़ के 12 से 15 पत्तों को कूटकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह पानी एक चौथाई बच जाए तो बिना छानेही ठंडा करके पी ले। 90 दिनों तक इस पानी को पीने से आप के घुटनों की चिकनाई पूरी हो जाएगी। और आप के घुटनों का दर्द गारंटी के साथ ठीक हो जाएगा।

  • मेथी दाना
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच मेथी दाने को डालकर खूब उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें। इसका उपयोग नियमित रूप से 30 दिनों तक करने से आप के जोड़ो का दर्द बिल्कुल गायब हो जायेगा। मेथी के लड्डू खाने से हाथ – पैरों और जोड़ो के दर्द में आराम मिलता हैं।
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  • 30 साल की उम्र के बाद मेथी खाने से शरीर के जोड़ मजबूत रहते हैं। और यह बुढ़ापे तक मधुमेह, ब्लड प्रेसर और गठिया रोग से बचाता हैं।
  • मेथी दानो को तव्वे या कढ़ाही में गुलाबी होने तक सेकें। ठंडा होने पर पीस लें। इसे रोज सुबह खाली पेट आधा चम्मच, एक गिलास पानी के साथ लें। ध्यान रहें की गर्मी में एक चम्मच व सर्दी में दो चम्मच मेथी का सेवन करना चाहिए।
  • लहसुन का सेवन

यह गठिये और जोड़ो के दर्द के मरीजों के लिए काफी लाभदायक होता हैं। क्योंकि इसमें सल्फर और सेलेनियम की मात्रा अधिक पाई जाती हैं। आप लहसुन के दो या तीन फाहे को सरसों या तिल के तेल में तल सकते हैं, जब लहसुन के फाहे काले होने लगें तो आंच बंद कर दें और तेल को भी छान लें। अब इस तेल की दर्द वाले स्थान पर मालिश करने पर दो से तीन घंटे के लिए छोड़ दें, फिर इसको धो लें। रोजाना इसका प्रयोग दो बार करने से कुछ ही दिनों में दर्द से राहत मिल जाएगी।

  • हल्दी का उपयोग
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हल्दी में मौजूद गुण किसी से छिपे नहीं हैं। यह हमारे पुरे शरीर के लिए बहुत लाभदायक माना गया हैं। हल्दी रक्त संचार तेज कर जोड़ो के दर्द में आराम दिलाता हैं। हल्दी चूने का लेप सभी जोड़ों पर लगाया जा सकता हैं। इसे बनाने के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच पीसी हुई चीनी, 2 चम्मच चुटकी पान में लगाने वाला चूना और थोड़ा – सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लीजिये। इस लेप को लगाकर इसे सूखने दीजिये। फिर रुई लगाकर पट्टी बांध लीजिये। रोज रात को सोने से पहले इसे लगा लें और सुबह पानी से धो लेना चाहिए। ऐसा 10 – 15 दिन तक नियमित रूप से करने से दर्द से राहत मिल जाती हैं।

जोड़ो के दर्द का कारण, लक्षण और रोगथाम के घरेलू उपाए

हेलो दोस्तों,
आज हम जानेंगे। कि जोड़ो का दर्द(Joint pain) कब और क्यों होता है। इसके क्या – क्या लक्षणकारण है। और यह रोग हमे किन – किन कारणों से होता है। और हमे अपने शरीर को जोड़ो के रोग से बचाने के लिए किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

शरीर के ऐसे हिस्से जहां हड्डियां मिलती हो, जोड़ कहलाता है। जैसे घुटने (knee), कंधे (shoulder), कोहनी(elbow) व टखना (ankle) आदि। जोड़ो का दर्द जिसे मेडिकल की भाषा में आर्थराइटिस भी खा जाता है। घरेलू चिकित्सा द्वारा जोड़ो के दर्द को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। अगर घरेलू नुस्खों को नियमित रूप से अपनाया जाएं।

जोड़ो के दर्द का कारण

  • मोच आने से
  • प्रभावित हिस्सों पर ज्यादा जोर डालने से
  • किसी प्रकार की चोट लगने से
  • उम्र बढ़ने के साथ
  • हड्डियों में रक्त की आपूर्ति में रुकावट आना
  • मिनरल्स की कमी
  • विटामिन्स की कमी
  • चोट लगना
  • अर्थराइटिस
  • कार्टिलेज का फटना
  • कार्टिलेज का घिस जाना

जोड़ो के दर्द के लक्षण

  • जोड़ो में कमजोरी आना
  • चलने – फिरने में दिक्क्त होना
  • जोड़ो में खिंचाव महसूस होना
  • जोड़ो को मोड़ने में परेशानी होना
  • जोड़ो में कठोरता होना
  • जोड़ो का लाल होना
  • जोड़ो का न मुड़ना
  • जोड़ो में सूजन और दर्द होना

जोड़ो के दर्द का रोगथाम व घरेलू उपाए

जोड़ो का दर्द होने के कारण व्यक्ति को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसको ठीक करने के घरेलू उपचार निम्नलिखित है।

  • तेल मालिश

दर्द वाली जगह पर गहराई से की गयी तेल की मालिश भी दर्द से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है। किसी अच्छे तेल से दर्द वाले स्थान पर 20 मिनट तक मालिश करने से बहुत अधिक फायदा होता है, इससे दर्द वाले स्थान से सूजन भी चली जाती है।

  • सेंधा नमक से उपचार

गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर जोड़ो को उसमे डुबो कर रखें या उस पानी को दर्द वाली जगह पर लगाए यानि पानी को बहाते रहें। सेंधे नमक में मैग्नम सल्फेट होता है जो एंटी आथ्र्राइटिस और एंटी इंफ्लेमेट्री के रूप में जाना जाता है। गर्म पानी से नहाने से रक्त संचार बढ़ जाता है। और जोड़ो का दर्द कम हो जाता है।

  • प्याज का उपयोग
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प्याज अपने सूजन विरोधी गुणों के कारण घुटनों की पीड़ा में लाभकारी हैं। प्याज में फायटोकेमिकल्स पाए जाते हैं जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। एक रिसर्च में पाया गया की प्याज में पीड़ा निवारण गुण होते हैं।

  • गाजर का इस्तेमाल

इसमें जोड़ो के दर्द को दूर करने के गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। चीन में सैकड़ो वर्षो से गाजर का इस्तेमाल संधिवात पीड़ा के लिए किया जा रहा हैं। गाजर को पीस लीजिये और इसमें थोड़ा – सा नींबू का रस मिलाकर रोजाना सेवन करने से जोड़ो के दर्द में बहुत अधिक आराम मिलता हैं।

  • पारिजात हैं वरदान
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अगर आप के घुटनों की चिकनाई खत्म हो गई हो और जोड़ो के दर्द में किसी भी प्रकार की दवा से आराम ना मिलता हो तो ऐसे लोग हारसिंगार (पारिजात) पेड़ के 12 से 15 पत्तों को कूटकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह पानी एक चौथाई बच जाए तो बिना छानेही ठंडा करके पी ले। 90 दिनों तक इस पानी को पीने से आप के घुटनों की चिकनाई पूरी हो जाएगी। और आप के घुटनों का दर्द गारंटी के साथ ठीक हो जाएगा।

  • मेथी दाना
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच मेथी दाने को डालकर खूब उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर पी लें। इसका उपयोग नियमित रूप से 30 दिनों तक करने से आप के जोड़ो का दर्द बिल्कुल गायब हो जायेगा। मेथी के लड्डू खाने से हाथ – पैरों और जोड़ो के दर्द में आराम मिलता हैं।
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  • 30 साल की उम्र के बाद मेथी खाने से शरीर के जोड़ मजबूत रहते हैं। और यह बुढ़ापे तक मधुमेह, ब्लड प्रेसर और गठिया रोग से बचाता हैं।
  • मेथी दानो को तव्वे या कढ़ाही में गुलाबी होने तक सेकें। ठंडा होने पर पीस लें। इसे रोज सुबह खाली पेट आधा चम्मच, एक गिलास पानी के साथ लें। ध्यान रहें की गर्मी में एक चम्मच व सर्दी में दो चम्मच मेथी का सेवन करना चाहिए।
  • लहसुन का सेवन

यह गठिये और जोड़ो के दर्द के मरीजों के लिए काफी लाभदायक होता हैं। क्योंकि इसमें सल्फर और सेलेनियम की मात्रा अधिक पाई जाती हैं। आप लहसुन के दो या तीन फाहे को सरसों या तिल के तेल में तल सकते हैं, जब लहसुन के फाहे काले होने लगें तो आंच बंद कर दें और तेल को भी छान लें। अब इस तेल की दर्द वाले स्थान पर मालिश करने पर दो से तीन घंटे के लिए छोड़ दें, फिर इसको धो लें। रोजाना इसका प्रयोग दो बार करने से कुछ ही दिनों में दर्द से राहत मिल जाएगी।

  • हल्दी का उपयोग
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हल्दी में मौजूद गुण किसी से छिपे नहीं हैं। यह हमारे पुरे शरीर के लिए बहुत लाभदायक माना गया हैं। हल्दी रक्त संचार तेज कर जोड़ो के दर्द में आराम दिलाता हैं। हल्दी चूने का लेप सभी जोड़ों पर लगाया जा सकता हैं। इसे बनाने के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच पीसी हुई चीनी, 2 चम्मच चुटकी पान में लगाने वाला चूना और थोड़ा – सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लीजिये। इस लेप को लगाकर इसे सूखने दीजिये। फिर रुई लगाकर पट्टी बांध लीजिये। रोज रात को सोने से पहले इसे लगा लें और सुबह पानी से धो लेना चाहिए। ऐसा 10 – 15 दिन तक नियमित रूप से करने से दर्द से राहत मिल जाती हैं।



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